अमरनाथ यात्रा

जून / जुलाई के दौरान सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक पवित्र तीर्थयात्रा अमरनाथ यात्रा है। यह एक वार्षिक कार्यक्रम है जब विश्व के विभिन्न कोनों से हजारों हिंदू श्रद्धालु अमरनाथ गुफाओं में जाते हैं। तीर्थयात्री पहलगाम से इन गुफाओं तक जाते हैं और महान बर्फ लिंगम की पूजा करते हैं। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।  लगभग एक माह चलने वाली अमरनाथ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन करने पहुंचते है। कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के उत्तर-पूर्व में 135 किलोमीटर दूर एवं समुद्र तल से 13 हजार 600 फुट की ऊंचाई पर यह मौजूद है।

अमरनाथ यात्रा का महत्व

अमरनाथ के दर्शन करने वाले श्रद्धालु काफी मुश्किल भरा सफर करके यहां पहुंचते है। यहां बनने वाला शिवलिंग बारह ज्योतिर्लिंग में से एक है। अमरनाथ में दर्शन करने पहुचंने वाले श्रद्धालुओं को सरकार द्वारा कड़ी सुरक्षा प्रदान की जाती है।  बाबा अमरनाथ की प्रमुख विशेषता यहां मौजूद पवित्र गुफा में प्राकृतिक शिवलिंग का निर्मित होना है और इसके दर्शन करने का काफी महत्व है। गुफा के ऊपर से बर्फ के पानी की बूंदे टपकती है। जिससे बनने वाले लगभग 10 फुट के पवित्र शिवलिंग के दर्शन करने हेतु यहां लाख श्रद्धालु पहुंचते है। आषाढ़ माह की पूर्णिमा से शुरू होकर रक्षाबंधन तक पूरे श्रावण माह में पवित्र शिवलिंग के दर्शन होते है। चन्द्रमा के घटने बढ़ने के साथ-साथ बर्फ से बने शिवलिंग के आकार में परिवर्तन होता है और अमावस्या तक शिवलिंग धीरे-धीरे छोटा होता जाता है। अमरनाथ की गुफा में भगवान शिव ने अमरत्व का रहस्य बताया था।

अमरनाथ यात्रा की कथा

पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शिव ने माता पार्वती को इसी अमरनाथ गुफा में अमर कथा सुनाई थी। बताया जाता है कि जिस दौरान भगवान शिव माता पार्वती को यह कथा सुना रहें थे उस समय उनके अलावा एक कबूतर का जोड़ा मौजूद था। जो यह सुनकर अमर हो गया एवं आज भी अमरनाथ के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को यह कबूतर को जोड़ा दिखाई देता है। यह भी बताया जाता है कि भगवान शिव ने जब माता पार्वती को गुफा में सुनाई कथा में अमरनाथ यात्रा एवं उसके मार्ग में आने वाले स्थलों का वर्णन था। कई मान्यताओं एवं धार्मिक कथाओं के लबरेज बाबा अमरनाथ के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु काफी जद्दोजहद के साथ पहुंचते है एवं बाबा अमरनाथ के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाते है।

अमरनाथ यात्रा का समय

यह एक घटना है जो आप निश्चित रूप से अपने जीवन के बाकी हिस्सों के बारे में बात करेंगे। जुलाई, जम्मू और कश्मीर के खूबसूरत उत्तरी भारतीय राज्य में भगवान शिव के पवित्र बर्फ से ढके गुफा मंदिर के लिए सबसे पवित्र और लोकप्रिय तीर्थयात्राओं में से एक अमरनाथ यात्रा का समय है। सभी हिंदू तीर्थस्थलों में से, दक्षिणी कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ को सबसे पवित्र में से एक माना जाता है। पवित्र गुफा में दर्शन आम तौर पर जुलाई (आषाढ़ पूर्णिमा) से अगस्त की शुरुआत (शरवन पूर्णिमा) तक होता है। एक बार तीर्थयात्रा शुरू होने के बाद हजारों श्रद्धालु जम्मू में अमरनाथ के बेस कैंप से रोजाना रवाना होते हैं। यात्रा या तीर्थयात्रा सीजन के अंत तक प्रतिभागियों के लिए एक प्रमुख उत्सव और शुभ अनुष्ठान है।

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