दिवाली के सुंदर त्योहार में जहां हर तरफ रोशनी ही रोशनी होती है वहीं खतरा भी बढ़ जाता है। पटाखों के जबरदस्त धमाकों के बीच आग लगने और जलने की सबसे ज्यादा ख़बरें आती हैं। भले ही आप सभी चीजें सही करके चल रहे हों, लेकिन एक छोटी सी भूल जान और माल दोनो पर भारी पड़ सकती है। दिवाली के दिन पूरा घर आग के ढेर पर होता है। हर जगह जलते दीये, गैलरियों और आंगने में मोमबत्तियां, पटाखे ही पटाखे, हवाई चक्रियां, बिजली की लाइट्स और बहुत कुछ। कई बार बच्चे जलती हुई मोमबत्ती कमरे के परदों के पास छोड़ देते हैं, जिससे धीरे धीरे पर्दे में आग लग जाती है। बहुत बार पटाखा पहले चलता नहीं और जब आगे जाकर देखो तो वो एकदम फट जाता है। हर साल दिवाली में सैंकड़ो जगह आग लगती है और कई सौ लोग पटाखों की चपेट में आते हैं। नीचे कुछ सावधानियां दी गई हैं जो कि आपको उन सब गलतियों से बचाएंगी जिनकी वजह से आज तक कई लोगों की दीवाली का खुमार उनका बुरा सपना बन कर रह गया है।

कुछ जरूरी टिप्स

-बच्चों को हमेशा अपनी नज़र में रखिये। अगर बच्चे पटाखे जला रहे हैं तो कोई ना कोई बड़ा उनके पास जरूर खड़ा हो।
-हमेशा टाइट कपड़े पहनें। खुले खुले या सिंथेटिक कपड़े ना पहनें। कॉटने के कपड़ों को ज्यादा तरजीह दें
-पटाखे हमेशा ही अच्छे ब्रांड के लें
-जहां पटाखे रखे हैं वहां पर मोमबत्ती या दीया ना रखें
-खाना बनाने के बाद गैस का रेगुलेटर बंद कर दें। उड़ते रोकेटों से पर्दों को बचाएं
-रॉकेट हमेशा छत पर ही चलाएं
-जो पटाखा एक बार नहीं चले। उसको दोबारा ना जलाएं। पानी डालकर बुझा दें
-हमेशा जूते डालें और हो सके तो चश्मा लगा कर रखें।
-पटाखे हमेशा खुली जगह पर ही चलाएं
-छोटे बच्चों के कानों में रुई डाल कर रखें
-पटाखे जलाते वक्त जितनी ज्यादा दूरी रखी जा सकती है उतनी रखें
-पटाखा कभी हाथ में नहीं जलाएं। भले ही ये छोटा ही हो।
-दूसरों पर पटाखा फेंकना एक अपराध है। इससे बचें
-रॉकेट का मुंह कभी किसी के घर की तरफ ना करें। सिर्फ आसमान की तरफ ही करें।
-कुछ बच्चे पटाखे जलाते वक्त आधे पटाखे जेब में रख लेते हैं। ये खतरनाक है। अगर पटाखों ने आग पकड़ ली तो बहुत बुरा हो सकता है।
-रात को सोने से पहले एक बार पूरा घर चैक कर लें कि कहीं कोई दीया या मोमबत्ती आग तो नहीं लगा सकती।

दुर्घटना की स्थिति में

-थोड़ा जला है तो तुरंत ठंडा पानी डाल दें
-बाद में जली हुई जगह पर आलू काट कर लगाएं
-अगर कपड़ों में आग लग जाए तो जल्दी से ज़मीन पर लेट कर लोटने लग जाएं
-अगर ज्यादा जला है तो तुरंत अस्पताल ले जाएं
-आग लगने की स्थिति में फायर ब्रिगेड को फोन लगाएं। आस पास के लोगों को इकट्ठा करके पानी फेंकना शुरू करें
-आग लगने पर सबसे पहले गैस सिलिंडर बंद करके बाहर निकाल दें और फिर बिजली का मेन स्विच बंद करें



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April (Chaitra/Baisakh)