भारत में प्रतिदिन कोई ना कोई त्योहार मनाया जाता है। भारत को त्योहारों का देश भी कहा जाता है। यहां की विभिन्न संस्कृतियों द्वारा उनके विशेष त्योहार, व्रत, उपासना एवं अनुष्ठान किए जाते हैं। यह सभी व्रत, त्योहार भारतीय विरासत में खुशियों के रंग भर कर उन्हें रंगीन करने का काम करते हैं। यहां के कुछ त्योहार अभिनंदन करते हैं पहली बारिश का, मौसमी का, फसल का एवं हर माह की एकादशी और पूर्णिंमा का। कुछ त्योहार भारतीय संस्कृति उसकी सभ्यता को प्रदर्शित करते हैं। भारत के विभिन्न राज्यों और धर्मों को विभिन्न त्योहार, नववर्ष उत्सव, पंपराएं, रीति-रीवाजों एक दूसरे से जोड़ते हैं। एक ही त्योहर को यहां अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। यहां के त्योहारों में विभिन्नता अवश्य है किन्तु यहां के हर त्योहार का उद्देश्य केवल जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का विकास करना एवं मनुष्य को सही राह प्रदर्शित करना है।
जगन्नाथ रथ यात्रा

जुलाई (अषाढ़ / श्रावण) के त्योहार

भारत पूरी दुनिया में अपनी सांस्कृतिक विरासत और सभ्यता के लिए जाना जाता है। इसे त्यौहारों की भूमि कहें तो यह कहना गलत नहीं होगा। भारत का ऐतिहासिक अतीत और उसके लोगों के साथ इसका गहरा संबंध इसे एक महान देश बनाता है, भारत में रहने का यही कारण है कि यहां आपको प्रत्येक दिन जीवन का जश्न मनाने का नया मौका मिल सकता है। यहां का हर त्योहार आपको एक नई सीख देता है। यहां कई महत्वपूर्ण त्योहार और महोत्सव मनाए जाते हैं। यहां साल का हर महीना एक नई खुशी, उत्साह और उमंग से भर देता है। इन्हीं महीनों में से है महीना है जुलाई का। जुलाई के महीनें में भारत के कई त्योहार और उत्सव मनाए जाते हैं। जुलाई के महीने को हिंदी में आषाढ़ एवं श्रावण के नाम से जाना जाता है।
गुरु हरगोबिंद सिंह जयंती
जुलाई महीने की शुरुआत प्रकृति को समर्पित करने वाले दिन ‘वन दिवस’ से होती है। एक सप्ताह भर चलने वाले इस महोत्सव की शुरुआत वन संरक्षण को लेकर 1950 में हुई थी। भारत के लोग इस दिन देश के कई हिस्सों में ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाकर प्रकृति को जींवत करते हैं एवं पर्यावरण संरक्षण की महत्वता को उजागर करते हैं।

यह वर्षा ऋतु का महीना भारतवर्ष की धरती के दो महान सिख संत 'गुरु हरगोबिंद सिंह' और 'गुरु हरकृष्ण' की जयंती का उत्सव मनाने का मौका देता है। इन दो महान संतो ने सिख धर्म के जरिए समाज को जागरुक किया एवं भक्ति का नया ज्ञान दिया। इस दिन लोग गुरुद्वारे जाते हैं। अपने पापों और गलत किए गए कार्यों की माफी मांगते है। एक सुखद जीवन की कामना करते है। इन दोनों जयंती पर भक्त गण दान पुण्य करते हैं एवं अच्छे कर्म करने की प्रार्थाएं करते हैं। यह दिन ‘प्रकाश उत्सव’ के नाम से भी प्रसिद्ध है। सांई तेउन राम की जयंती भी जुलाई के महीने में मनाई जाती है।
भड़ली नवमी
इसके अलावा, जुलाई के महीने में कई हिंदू त्यौहार भी मनाए जाते हैं। जिनमें प्रमुख है दक्षिणायन संक्रांति, भड़ली नवमी, देवशयनी एकादशी और गुरु पूर्णिमा,योगिनी एकादशी इत्यादि। जुलाई के महीने में उड़ीसा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा बहुत हर्षोल्लास और भव्य झांकियो सहित निकाली जाती है। भगवान जगन्नाथ को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। इस झांकी में भगवान जगन्नाथ के साथ उनकी बहन सुभद्रा और भाई बलराम की झांकी भी निकाली जाती है। इस जुलूस में देश-विदेश से लाखों की संख्या में भक्त और पर्यटक सम्मिलित होते हैं और भगवान जगन्नाथ का दर्शन कर उनका आशीर्वाद ग्रहण करते है।
वन महोत्सव
जुलाई का महीना व्रत त्योहारों के साथ सामाजिक जागरुकता एवं समाज की बुराईयों को दूर करने का अवसर भी प्रदान करता है। समाज में बढ़ती जनसंख्या के फलस्वरुप 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस का आयोजन किया जाता है जिससे बढती जनसंख्या को रोका जा सकें एवं इससे होने वाली समस्याओं के प्रति नागरिकों को जागरुक किया जा सके। इस दिन परिवार नियोजन के महत्व को चिन्हित किया जाता है। इस दिन दुनिया भर के लोगों के समक्ष लैंगिक समानता और अच्छे मातृ स्वास्थ्य के विचार को बढ़ावा दिया जाता है। चिकित्सकों की महत्वता एवं उनके सम्मान में समर्पित डॉक्टर (डे)दिवस भी जुलाई के महीने में ही मनाया जाता है।

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