पितृ पक्ष के दौरान घर के बड़े लड़के या सदस्य को अपने पूर्वजों का श्राद्ध करना जरूरी होता है। इस दिन पूर्वजों को भोजन अर्पित किया जाता है साथ ही अर्घ्य देकर प्रार्थना की जाती है। माना जाता है कि इस दिन पूर्वजों की आत्माएं आकर इस भोजन को ग्रहण करती हैं।



-श्राद्ध में सबसे पहले अग्नी देव को भोग लगाना चाहिए ताकि कोई भी आपकी पूजा में विघ्न नहीं डाल सके।

-पहले अपने दिवंगत माता-पिता, फिर दादा दादी और फिर पड़ दादा को भोग लगाना चाहिए। ये भोजन तभी हमारे पूर्वजों तक पहुँचता है अगर हम सच्ची श्रद्धा के साथ उन्हें अर्पित करते हैं। भोग लगाते वक्त मन में  मंत्रोच्चार करें।

-पितृ पक्ष के दौरान तर्पण भी करना जरूरी होता है। तर्पण में पितरों को पानी अर्पित किया जाता है।

-ब्राह्मणों को इस दिन कपड़े और अन्य दान देना चाहिए। ये श्राद्ध के नियमों में ही आता है।

-कुत्ता, कौआ, गाय और चींटियों को जरूर कुछ ना कुछ भोजन अर्पित करें।

-श्राद्ध और तर्पण से हमारे पूर्वजों को भोजन और पानी दोनो मिल जाता है जिससे कि उनकी आत्मा को शांति मिलती

श्राद्ध और तर्पण कैसे करें, वीडियो देखे

 


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May (Baisakh/Jyeshta)​