रक्त सभी लोगों की जिन्दगी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिना रक्त के व्यक्ति जीवित नहीं रह सकता। रक्तदान महादान होता है। किसी जरुरतमंद को अपना रक्त देकर उसका जीवन बचाना सबसे बड़ा काम है। इससे बढ़कर और कुछ नहीं हैं। आज पूरा विश्व खून की कमी के कारण जूझ रहा है, जिससे जीवन पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। आज सेहत को अच्छा रखने का एकमात्र उपाय है रक्त दान करते रहना। ऐसा करने से ना केवल स्वंय का शरीर सही रहता है अपितु किसी व्यक्ति की जान भी बचाई जा सकती है। आज वैश्विक तौर पर लोगों को रक्त दान के लिए जागरुक करने की आवश्यकता है। ताकि लोग रक्त दान करके किसी के लिए प्रेरणास्त्रोत बन सकें।

रक्तदान दिवस का इतिहास

रक्त को स्वैच्छिक(अपनी इच्छा) से दान करने के लिए 58वीं विश्व स्वास्थ्य असेंबली में सर्वसम्मति और समर्थन से एक संकल्प पत्र पारित किया गया। जिसमें 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस के रुप में मनाया जाना घोषित किया गया और कहा गया कि इसे हर साल वार्षिक उत्सव की तरह मनाया जाएगा। यह दिन न केवल लोगों को रक्तदान के प्रति जागरुक करता है अपितु अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान करने के प्रति प्रेरित भी करता है। रक्तदान दिवस उन सभी लोगों का आभार प्रकट करने का भी एक ज़रिया है जो बिना किसी इनाम व लालच के अपने रक्त का दान कर कई जिंदगियों को बचाते हैं। जो जिंदगी के असल मायने में हीरो होते हैं।  एक रक्तदाता कई लाख जिंदगियों को बचाने का जरिया बनता है। प्रत्येक वर्ष विश्व रक्तदान दिवस किसी ना किसी विशेष विषय पर आयोजित किया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में निम्नलिखित विषयों को केंद्रित रख रक्तदान दिवस मानाय गया था।
इस वर्ष विश्व रक्तदान दिवस का नारा है ”रक्तदान कर जीवन को उपहार दें”।

यह विशेष दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन(डब्ल्यूएचओ), इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन (आईएसबीटी),  इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ ब्लड डोनर ऑर्गनाइजेशन(एफआईओडीएस), रेड क्रॉस के अंतर्राष्ट्रीय फेडरेशन, रेड क्रिसेंट सोसायटीज (आईएफआरसी) द्वारा संचालित है।

कैसे मनाया जाता है रक्तदान दिवस

युवाओं को रक्तदान के जरिए रक्त की कमी का मुकाबला करने के लिए सुरक्षित जीवन शैली को बढ़ावा देना चाहिए। उन्हें हर तरह से रक्तदान में अपनी भूमिका अदा करनी चाहिए।  स्थानिय कलाकार विभिन्न सांस्कृतिक और संगीतमय गतिविधियां आयोजित करते हैं। जिनमें रक्तदाताओं के लिए आभार, गीत-संगीत, पारंपरिक नृत्य, मोटरसाइकिल रैली, जूलूस, दोस्ताना मैच, मार्चिंग इत्यादि कई सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। रक्तदाताओं और भविष्य में रक्तदान करने वाले लोगों को रक्तदान के प्रति जागरुक और उसकी महत्वता समझाने वाल प्रकाशन सामाग्री भी वितरित की जाती है। इसका उद्देश्य रक्तदाताओं का धन्यवाद करना होता है जो मानव जाति के उद्धार के लिए रक्तदान करते हैं एवं दूसरों को प्रेरित भी करते हैं। इनके लिए कई संगोष्ठियां, सेमिनार इत्यादि भी आयोजित किए जाते हैं। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग रक्तदान के प्रति जागरुक होकर किसी को नई जिंदगी देंने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकें।

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