भाई दूज पर पूजा का बहुत महत्व है। माना जाता है कि इस दिन अगर यमुना में स्नान करके बहन के घर जाकर पूजा हो तो यमराज का भय नहीं रहता। बहनें इस दिन भाई को तिलक लगाकर उनकी आरती उतारती हैं। बाद में भाई भी उन्हें कुछ गिफ्ट देते हैं। चलिये आपको भाऊ दूज की पूजा विधि और मंत्र बताते हैं।
 

पूजा सामग्री

आरती की थाली
टीका, चावल
नारियल, गोला (सूखा नारियल) और मिठाई
ज्योत और धूप
सिर ढंकने के लिये रुमाल या छोटा तोलिया

पूजा विधि

-सुबह जल्दी उठ कर स्नान करें
-भगवान विष्णू और गणेश जी की पूजा करें
-चावल के आटे से चौक तैयार करके भाई को बैठाया जाए।
भाई के हाथों में चावल का घोल लगाकर उस पर सिंदूर लगाएं। कद्दु के फूल, सुपारी, मुद्रा हाथों पर रख कर धीरे धीरे हाथों पर पानी छोड़ें।
-भाई के माथे पर तिलक लगाएं
-भाई की लंबी उम्र की कामना करें
 

इस मन्त्र का उच्चारण करें.

गंगा पूजे यमुना को यमी पूजे यमराज को, सुभद्रा पूजा कृष्ण को, गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई की आयु बढ़े

-भाई, बहन के लिये कुछ उपहार दे
-अगर संभव हो तो दोनो यमुना में स्नान करें
मान्यता है की इस दिन यदि आसमान में उड़ती हुई चील दिखे और बहनें अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करें तो वो दुआ पूरी होती है।

भाई दूज पूजा का वीडियो



To read this article in English, click here

Forthcoming Festivals

Download our free mobile app

Get festival updates on your mobile & Explore and enjoy the panorama of Festivals/Fairs/Melas celebrated in India.